How to do plant care in rainy season ?|बरसात में पौधों की देखभाल कैसे करें ?

 

How to do plant care in rainy season ?|बरसात में पौधों की देखभाल कैसे करें ?

How to do plant care in rainy season ?|बरसात में पौधों की देखभाल कैसे करें ?




साथियों बरसात का मौसम अब आने वाला है ,मानसून प्रारंभ हो रहा है तो मेरी समझ के अनुसार कुछ जरूरी टिप्स आपके लिए शेयर कर रहा हूं ,अपने प्लांट्स को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए।


1-किसी अच्छे फफूंदनाशी (fungiside)का इस्तेमाल करना स्टार्ट कीजिए, जैसे रिडोमिल गोल्ड, एमिस्टार टॉप, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड, साफ आदि। हर 10-12 डिनो में एक स्प्रे कीजिए और मिट्टी में भी दीजिए जिस दिन भी मौसम आपको थोडा साफ लगे। अगर स्प्रे के 3 घंटे के अंदर अगर फिर बरसात आती है तो आपको रिपीट स्प्रे करना चाहिए और कॉन्टैक्ट फंगसाइड स्प्रे के 10-12 घंटे मिनिमम के अंदर बरसात होने पर रिपीट करना चाहिए।

किसी सिलिकॉन बेस्ड स्टिकर का इस्तेमाल करें तो काफी बेहतर है.. अगर आप ट्राइकोडर्मा का इस्तेमाल करते हैं तो वो काफी अच्छा होता है ऐसे मौसम में।


ऑर्गेनिक में आप बोर्डो मिक्सचर का इस्तेमाल करें और बेकिंग सोडा, दालचीनी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।


2-आपके बर्तन अगर ऊपर तक फुल नहीं है मिट्टी से तो उन्हें फुल किजिये..इसके लिए आप छोटे पत्थर के टुकड़े इस्तेमाल करें तो बेहतर है।


3-ड्रेनेज होल्स अच्छे से चेक करें और उन्हें ठीक करें।


4-तेज़ हवा से बचने के लिए प्लांट को कोई सपोर्ट दें और अगर आपको लगता है कि काफी तेज़ हवाएँ आने वाली है तो प्लांट को सुरक्षित स्थान पर या लिटा कर रखिए।


5-पैरापेट वॉल पर आपने अगर पॉट रखे हैं तो उन्हें नीचे उतार लें।

How to do plant care in rainy season ?|बरसात में पौधों की देखभाल कैसे करें ?


6-पॉट के आलावा अगर आपने ट्रे लगा राखी हो तो उन्हें हटा देना बेहतर है। पॉट को जमीन से ऊपर उठाकर रख सके तो और बेहतर।


7-तरल खाद (खली आदि) इस्तेमाल कर रहे हो तो उन्हें बंद कर दीजिए।


8- पौधों पर किसी कीटनाशक/मिटीसाइड का स्प्रे किजिये हर 10 दिन में स्टिकर के साथ।


9-कंपोस्ट वगैरह जो देना हो अभी दे दीजिये मिक्स फर्टिलाइजर बनाकर और अगले 45 दिनों के बाद फिर यही करें।बरसात का पानी नाइट्रोजन से भरपूर होता है जो पौधों के विकास के लिए आवश्यक कई अन्य खनिजों के साथ साथ ये परफेक्ट पीएच में होता है।सो फर्टिलाइजर्स वगैरह की जरूरत आपके प्लांट को काफी कम पैदा होती है। अभी सीवीड का स्प्रे किजिये प्लांट पे एंड सॉइल में।


10- खरपतवारों को नियमित रूप से हटायें और अगर गरमियों में कोई मल्चिंग करें तो उन्हें भी हटायें।


11-अगर आपको किसी पोट में पानी रुका नजर आए तो किसी पेचकश की मदद से गहरे छेद कीजिए पोट के साइड में।


12-रिपोटिंग, ग्राफ्टिंग, कटिंग से नए प्लांट तैयार करने का ये बेस्ट मौसम है तो अपने हाथ जरूर अजमाइए।


13-कैक्टस, सैकुलेंट्स को अगर संभव हो तो छाया के अंदर कर दीजिए जहां बारिश का पानी उन्हें ना मिले नियमित रूप से।एडेनियम की मिट्टी अगर बहुत अच्छी अच्छी तरह से सूखा ना हो तो उन्हें भी छाया में रख दें पर एक दो बारिश का पानी इनहे भी जरूर दें।


14-सिंडर में अगर प्लांट है तो फिर केमिकल फर्टिलाइजर्स जरुरत के अनुसार देते रहे।


15-एक स्प्रे कम से कम अपने टैरेस के कॉर्नर (चैट और पैरापेट के जंक्शन पे) में क्लोरपाइरीफोस 50% का 2 मिली/लीटर कर दें।

प्रिय बागवानों.. काई जगाओ पर बारिस दस्तक दे चुकी हे.. और काई जागो पर देने वाली हे...


आउट डोर प्लांट्स के साथ-साथ आप अपने इनडोर प्लांट्स को भी कभी-कभी बारिस का आनंद लेने दीजिए... फिर देखिए उनका विकास और चमक..


पार गमले की मिट्टी एकदुम अच्छी तरह से सूखा होना चाहिए..

बारिस में राखे पर उसके बाद जबतक मिट्टी ना सुखे तब तक पानी ना करे..

जेसे की तस्वीरें आप देख पा रहे हैं.. गमले के आला प्लेट्स में पानी जमा हो गया है तो उसको निकाल दीजिए...

बिछ बिव्ह में फफूंदनाशकों का स्प्रे करते रहिए..

जितना हो सके बारिश का पानी बचाएं.

गर्मी में जो गमले में मल्चिंग की थी अब उसको हटा दीजिए नहीं तो फंगस की समस्या होगी..

घास के खरपतवार वगेरा निकाल कर खाद केली डाले.. उसको जमा करके ना राखे..

बरसात के मौसम में पौधों को पानी देने के लिए नियमित अंतराल रखें ताकि मिट्टी सूखने का समय मिले..

पॉटिंग मिक्सचर में अभी ज्यादा कोकोपीट ना मिलाये.. पॉटिंग मिक्स में अभी नीम खाली जरूर मिलाये..

Agar koi point chhut gaya ho to plz add kijiye comment section me.

Thanks for reading,share my post to other plants lover .


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